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रविवार, 8 दिसंबर 2019

What is energy In Hindi - ऊर्जा क्या है

Types of Energy in hindi, ऊर्जा के प्रकार

ऊर्जा क्या है, Urja Kya hai 

किसी भी कार्य या अवस्था में परिवर्तन लाने के लिए एक विशेष प्रकार के बल की जरूरत होती है जिसे ऊर्जा कहते हैं ।

हमारे आस पास विभिन्न प्रकार के ऊर्जा विचरण कर रही है जो हमें और हमारे आसपास के सभी संसाधनों फिर चाहे वह प्राकृतिक हो अथवा मानव निर्मित उनका संचालन किसी न किसी ऊर्जा से होता है ।
हमारे मानव शरीर में भी एक विशेष प्रकार की ऊर्जा है जिससे हम सजीव होते हैं और अपनी इच्छा अनुसार विचरण एवं कार्य करते हैं ।
अब तक सभी ज्ञात ऊर्जा जिन्हें विज्ञान देख एवं परिभाषित कर सकता है वे दृश्य यानी विजिबल एनर्जी कहे जाते हैं । यह मूलभूत रूप से 9 प्रकार के हैं।
  1. तापीय ऊर्जा ( थर्मल एनर्जी )
  2. विकिरण ऊर्जा ( रेडिएंट एनर्जी )
  3. रसायन ऊर्जा ( केमिकल एनर्जी )
  4. परमाणु ऊर्जा ( नुक्लेअर एनर्जी )
  5. विद्युत ऊर्जा ( इलेक्ट्रिक एनर्जी )
  6. गतिज ऊर्जा ( मोशन या काइनेटिक एनर्जी )
  7. ध्वनि ऊर्जा ( साउंड एनर्जी )
  8. प्रत्यास्थ ऊर्जा ( इलास्टिक एनर्जी )
  9. गुरुत्वीय ऊर्जा ( ग्रेविटेशनल एनर्जी )
ये ऊर्जा एक विशेष क्रमिक प्रतिरुुप का अनुसरण करते हैं और इस प्रकार इन के कार्यप्रणाली के विज्ञान में विभिन्न प्रकार के नियम उपस्थित हैं ।

परंतु इसके अतिरिक्त इस ब्रह्मांड में एक ऊर्जा ऐसी है जिसे ना कोई आज तक देख पाया है और ना ही उसे परिभाषित किया जा सका है , इस ऊर्जा को श्याम ऊर्जा अर्थात डार्क एनर्जी कहते हैं ।

डार्क एनर्जी को विज्ञान सिर्फ महसूस कर सकता है और इसे महसूस करने के कुछ विशेष प्रकरण व पैटर्न होते हैं ।

हम आज तक जिस ब्रह्मांड और भौतिक पदार्थों का स्वरूप देखते आए हैं वे सभी प्रोटोन न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन को मिलाकर एटम से बना हुआ है परंतु ब्रह्मांड का एक ऐसा अदृश्य भाग जो लगभग 95% ब्रह्मांड के समस्त क्षेत्रफल में फैला हुआ है वह डार्क एनर्जी और डार्क मैटर से बना हुआ है ।

बीसवीं शताब्दी विज्ञान के क्षेत्र में सबसे प्रमुख थे क्योंकि इस दौरान बहुत सारी ऐसी खोजे हुईं जिन्होंने विज्ञान और मानव दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल कर रख दिया ।

इस दौरान हमें यह ज्ञात हुआ कि जितना ब्रह्मांड हम देख सकते हैं वह हमारे द्वारा ज्ञात ऊर्जा और मैटर पर आधारित है परंतु यह समस्त ब्रह्मांड का मात्र 5% हिस्सा ही है अर्थात बाकी का 95% भाग अदृश्य एवं अज्ञात ऊर्जा एवं भौतिक पदार्थ (जिन्हें मैटर कहते हैं ) से बना है।

आइए जानते हैं विज्ञान के अनुसार Energy के प्रकार के बारे में विस्तृत रूप से ।

 1. तापीय ऊर्जा- Thermal Energy Definition In Hindi

तापीय ऊर्जा Thermal Energy वह ऊर्जा है जो दो या दो से अधिक रसायन या भौतिक पदार्थों के आपस में प्रक्रिया से बनती है । तापीय ऊर्जा को आम भाषा में गर्मी कहते हैं । 

जब दो या दो से अधिक रसायन अभिक्रिया करके एक दूसरे के अणुओं को प्रभावित करते हैं तब तापीय ऊर्जा बनती है । जैसे माचिस का जलना । 

इसके अतिरिक्त किसी भी इंजन के कुछ समय के बाद गर्म हो जाना तापीय ऊर्जा का ही प्रभाव है ।

2. विकिरण ऊर्जा - Radiant Energy Definition in Hindi

विकिरण ऊर्जा वह ऊर्जा है जो एक माध्यम से दूसरे माध्यम तक पहुचने के लिए तरंगों की सहायता लेती है । मूल रूप से Electromagnetic Waves यानी एक्स किरणों के माध्यम से या ऊष्मा से अथवा अन्य प्रकार की किरणों से ।

आप एक स्थान से दूसरे स्थान तक अपना डेटा पहुँचा सकते हैं और इसके लिए विकिरण ऊर्जा Radiant Energy ही उत्तरदायी होती है । 

3. रसायन ऊर्जा - Chemical Energy Definition in Hindi

"रसायन ऊर्जा" ऊर्जा का वह प्रकार है जिसमें दो या दो से अधिक रसायन मिलकर अभिक्रिया करते हैं और अलग अलग ऊर्जा उत्पन्न करते हैं जैसे गैस या गर्मी ।

एक बम रसायनिक ऊर्जा का ही उदाहरण है । जिसमें दो या दो से अधिक रसायनों को मिला दिया जाता है जो भयंकर विस्फोटक का काम करता है ।

4. परमाणु ऊर्जा - Nuclear Energy in hindi

Nuclear Energy अर्थात परमाणु ऊर्जा परमाणु अभिक्रिया द्वारा उत्सर्जित होती है । परमाणु भट्ठी में अणुओं को विभाजित किया जाता है जिससे पैदा होने वाली गर्मी से पानी को गर्म किया जाता है ।

जिससे भाप उत्पन्न होने लगती है , उत्पन्न होने वाली भाप से टरबाइन चलाये जाते हैं और बिजली पैदा की जाती है । हम जिस बिजली का उपयोग कर रहे हैं वह परमाणु ऊर्जा की ही देन है ।

इसके अतिरिक्त नाभिकीय विखंडन से परमाणु हथियारों और अन्य ऊर्जा स्रोतों में परमाणु ऊर्जा का उपयोग किया जाता है । 

5. विद्युत ऊर्जा - Electrical Energy in hindi

Electrical Energy के बारे में ज्यादा कुछ विशेष बताने को नहीं है क्योंकि इसके विषय में ज्यादातर लोग जानते हैं । हैडिंग पर क्लिक करके आप बिजली या विद्युत ऊर्जा के विषय में विस्तार से पढ़ सकते हैं । 

बिजली विशेष चार्ज पार्टिकल यानी आवेशित कणों से बनती है जिसे इलेक्ट्रान कहते हैं । विद्युत ऊर्जा से तापमान को बढ़ाना और घटाना , यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तन जैसे कार्य किये जा सकते हैं । 

6. गतिज ऊर्जा - Kinetic energy in Hindi

किसी भी भौतिक वस्तु द्वारा की जाने वाली गति के कारण उत्पन्न हुई ऊर्जा गतिज ऊर्जा ( Kinetic Energy ) कहलाती है । 

एक पेंडुलम के लगातार गति करने से घड़ी चलने में सहायता होती है । पेंडुलम के गति करने से घड़ी चलने के लिए उत्पादित ऊर्जा गतिज ऊर्जा कहलाती है ।

7. ध्वनि ऊर्जा - What is Sound Energy in Hindi

आम जनमानस में ध्वनि सिर्फ ध्वनि है फिर वह चाहे हॉर्न की हो या फिर संगीत की , परन्तु विज्ञान के अनुसार ध्वनि भी एक ऊर्जा ही है ।

किसी भी भौतिक वस्तु में घर्षण, प्रतिरोध या अन्य माध्यमों से पैदा होने वाली तरंग जिसे जल या हवा जैसे माध्यमों का सहारा लेना पड़ता है एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए, इस तरह की ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा कहते हैं ।

इस प्रकार की ऊर्जा का प्रयोग कई जंगली प्राणी करते हैं । इस माध्यम से वे अपने आस पास के माहौल पता करते हैं । इसके अलावा पनडुब्बियों में दुश्मन यानों आदि को मालूम करने के लिए सोनार जैसी डिवाइस लगाई जाती हैं ।

8. प्रत्यास्थ ऊर्जा - What is Eleastic Enrgy In Hindi

किसी पदार्थ के लचीलेपन के कारण उत्पन्न होने वाली ऊर्जा प्रत्यास्थ ऊर्जा या Elasticity Energy कहलाती है । किसी भी भौतिक पदार्थ जैसे रबड़, हल्की धातुएं आदि के द्वारा हम प्रत्यास्थ ऊर्जा का प्रारूप देख सकते हैं ।

धनुष भी प्रत्यास्थ ऊर्जा का एक उदाहरण है , जब एक लचीली लकड़ी को किसी रस्सी की सहायता से उसके दोनों छोरों को बांध दिया जाता है और उस रस्सी में किसी भी तीर को रखकर अपने ओर खींचा जाता है तो प्रत्यास्थ ऊर्जा के द्वारा उस तीर में गतिज ऊर्जा कार्यरत होती है और उसे छोड़ देने पर तीर तेजी से दूसरे स्थान की ओर तेजी से जाती है ।

9. गुरुत्वीय ऊर्जा - Gravitational Energy In Hindi

पृथ्वी पर रखी हुई हर चीज गुरुत्वीय ऊर्जा से प्रभावित है । गुरुत्वीय ऊर्जा एक प्रकार की चुम्बकीय शक्ति है जो हर वस्तु को अपनी तरफ खींच कर रखती है । 

गुरुत्वीय ऊर्जा के द्वारा प्रत्येक वस्तु अपने स्थान पर स्थित है । हर पदार्थ के मध्य में गुरुत्वीय केंद्र होता है जिसके प्रभाव से उस पदार्थ का संतुलन बनता है । 

गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित प्रत्येक वस्तु को स्थानांतरित करने के लिए उस वस्तु के भार के बराबर शक्ति का उपयोग किया जाता है अन्यथा वह शक्ति स्थानांतरित नहीं की जा सकती । 

एक वस्तु या अणु का दूसरे अणु या वस्तु से स्थापित संबंध गुरुत्वीय ऊर्जा के कारण होता है । यह ऊर्जा एक अणु को दूसरे अणु के साथ जोड़कर रखती है ।

हर प्रकार की ऊर्जा हमारे आस पास मौजूद है और उसे हम अनुभव भी करते हैं । हम जितने भी कल और चल संसाधन का उपयोग करते हैं वे सभी किसी न किसी ऊर्जा से संचालित होते हैं । 

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