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Corona Virus Hindi - कोरोना वायरस को हल्के में लेना बहुत भारी पड़ सकता है

कोरोना वायरस - corona virus hindi

आजकल लोग कोरोना वायरस के कारण बेहद डर की स्थिति के साथ रह रहे हैं । लोग एक दूसरे से पूछते रहते हैं कि " कोरोना वायरस के बारे में बताओ " यानी कि " corona virus ke baare mein batao ".


Corona virus in hindi


चीन के वुहान शहर से निकली हुई ये आपदा ने दुनिया भर में एक वैश्विक संकट की स्थिति पैदा कर दी है । यहां तक कि भारत जैसे विशाल जनसंख्या और क्षेत्रफल वाले देशों में आपात स्थिति बन चुकी है । 

पिछले दिन यानी 3 अप्रैल को अमेरिका जैसे विकसित देश में भी एक दिन में लगभग 1500 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा , जिस स्थिति की हम बात करना चाहते हैं उस स्थिति की कल्पना करके आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे ।

इसके बारे में आज तक कोई पुख्ता जानकारी तो नहीं उपलब्ध हो सकी है, कि ये मनुष्यों तक पहुँचा कैसे ?

रिपोर्ट्स के अनुसार तो ऐसा माना जा रहा है , कि चमगादड़ के माध्यम से यह मनुष्य तक पहुँचा तो कोई कहता है, कि ये चीन द्वारा बनाया जा रहा जैविक हथियार ( BIO WEAPON ) है जो गलती से लीक हो गया है । 

लोगों में डर का माहौल ऐसा है कि वे अपने परिजनों तक को अपने घर न तो बुला सकते हैं और न ही बुलाना चाहते हैं । और ऐसा करना प्रशासनिक आदेश और सुझाव भी है । 

आइये जानते हैं कोरोना वायरस के बारे में कुछ ऐसी जानकारियां जो लोग शायद अभी भी नहीं समझ सके ।
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क्या है कोरोना वायरस ? What is corona virus hindi ?


कोरोना वायरस आम तौर पर इस दुनिया में पहले भी मौजूद था । 2003 में चीन में SARS ( SEVERE ACUTE RESPIRATORY SYNDROME ) नाम के एक वायरस की उतपत्ति हुई थी जिसकी संरचना आज के कोरोना वायरस से मिलती जुलती है । 

इसके अलावा सऊदी अरब में सन 2012 में इसी के एक नए रूप MERS ( MIDDLE EAST RESPIRATORY SYNDROME ) के नाम से इस वायरस को जाना गया जिसका काफी मात्रा में विस्तार हुआ पर समय रहते काबू पा लिया गया ।

कोरोना वायरस COVID-19 का फुल फॉर्म ( corona virus full form in hindi ) :-

उसी प्रजाति से वर्तमान में दुनियाभर में तबाही मचाने वाले इस वायरस का आइडेंटिटी COVID-19 है जिसका फुल फॉर्म CORONA VIRUS DISEASE 2019 ( कोरोना वायरस डिजीज 2019 ) है । 

हालांकि लोग इसे कई तरह के बनावटी नामों से बुलाते हैं जिनमें से China originated virus in december 2019 जैसे नामों से बुलाते हैं परंतु इसका वास्तविक नाम कोरोना वायरस डिजीज 2019 ही है जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने निर्धारित किया है ।

कोरोना संक्रमण के लक्षण ( SYMPTOMS OF CORONA INFECTION IN HINDI )

कोरोना वायरस एक प्रकार का विषाणु है जो शरीर में कोशिकाओं और प्रोटीन के सम्पर्क में आते ही ये बड़ी तेजी से अपनी संख्या को multiply या विखंडित करते हैं । 

सबसे पहले इस वायरस के लक्षण गले में दिखाई देते हैं जिसके कारण गले में ऐसा महसूस होता है जैसे किसी ने अंदर से दबा रखा हो । 
Corona infection


जैसा की ये रेस्पिरेटरी सिंड्रोम से सम्बंधित है तो ये सांस लेने से सम्बंधित सभी भागों पर हमला करना शुरू करता है । इस वायरस के शरीर में प्रवेश करने का अर्थ है कि आपको सांस से सम्बन्धित परेशानियां आने लगती हैं । 

गले से श्वास नली के माध्यम से ये वायरस आपके फेफड़ों तक पहुच जाता है और फेफड़ों की कोशिकाओं को संक्रमित करना शुरू कर देता है ।

अंततः फेफड़े इस काबिल नहीं रह जाते की ये ऑक्सीजन को हवा से आपके शरीर तक पहुँचा सकें क्योंकि इनमें सूजन और फफोले पड़ने लगते हैं । 

इस स्थिति में मरीज का दम घुटने लगता है और फिर शरीर में लगातार ऑक्सीजन की कमी होने के कारण उसकी मृत्यु हो जाती है ।

कोरोना कैसे काम करता है ? How does corona virus works in hindi ?

कोरोना वायरस देखने में धतूर के फल जैसा होता है जो मूल रूप से गोल आकार का होता है और इसके बाहरी हिस्से में सुई नुमा कांटे जैसे होते हैं । 

इसके मूल भाग में वायरस जीन और आरएनए ( RNA ) पाया जाता है जिसका पूरा नाम राइबो न्यूक्लिक एसिड पाया जाता है । 

जब ये वायरस कोशिका के सम्पर्क में आता है तो अपने शरीर में लगे काँटों के माध्यम से उस डीएनए और आरएनए कोड को कोशिका में इंजेक्ट कर देता है जिससे उस वायरस के कई वायरस और बनते जाते हैं । 

यही प्रक्रिया ये वायरस दोहराते जाते हैं और कुछ ही समय में दो से चार और चार से आठ गुना होने में एकदम कम समय लगता है । और इस तरह ये मनुष्य के शरीर में पूरे श्वसन तंत्र में फैल जाते हैं और उसे क्षतिग्रस्त कर देते हैं ।

कैसे फैलता है कोरोना ? How does corona spreads in hindi )?

कोरोना वायरस के खुली जगह में भी जिंदा रहने की क्षमता इसे बेहद खतरनाक बनाती है । 
हमारे शरीर में इन्फ्लूएंजा वायरस की उपस्थिति हमेशा रहती है और वो भी इसी वायरस के परिवार का हिस्सा है ।

परंतु हमारे शरीर ने उससे लड़ने की इम्युनिटी पैदा कर ली है जो की एक निश्चित समय के बाद उसे ठीक कर लेती है । लेकिन ये वायरस एकदम नया है जिसके कारण इसपर काबू पाना थोड़ा मुश्किल मालूम होता है । 

कोरोना वायरस की किसी स्थान पर जीवित रहने की मियाद लगभग 6 से 8 घण्टे होती है लेकिन तब जब यह किसी अधिक तापमान और शुष्क स्थान पर हो । 
How corona spreads

लेकिन ठंडे और नम स्थानों पर ये बहुत देर तक जीवित रह सकते हैं जैसे कि 18 से 24 घण्टे तक । इसलिए इसका कहर ठंडे देशों में कुछ ज्यादा ही है । 

ये वायरस संक्रमित व्यक्ति से किसी भी माध्यम से दूसरे व्यक्ति तक पहुँच जाता है फिर चाहे वह छूना हो, सांस लेना हो, छीकना हो आदि । यह वायरस किसी भी माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुच जाता है । 

यहां तक कि यदि किसी संक्रमित व्यक्ति ने किसी स्थान को छू लिया और आप भी उस स्थान को छू लेते हैं तो यह सम्भावना बहुत अधिक है कि ये वायरस आप तक अवश्य पहुच जाएगा ।

कोरोना वायरस के लक्षण ( symptoms of corona virus )

कोरोना वायरस मूल रूप से स्वास नली से सम्बंधित है तो ऐसे में इसके सभी लक्षण आपके सांस लेने के पैटर्न पर दिखाई देते हैं ।

सबसे पहले बिना कफ के खांसी आना शुरू होता है । जो कि समय के साथ बढ़ती जाती है । कुछ समय बाद breathing shortness यानी सांस का बिल्कुल कम समय तो होल्ड रह पाना शामिल होता है ।

कुछ समय बाद घुटन शुरु होती है क्योंकि यह धीरे धीरे फेफड़े की तरफ बढ़ने लगता है और फिर सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ होती है । अंततः मरीज दम घुटकर मर जाता है ।

कोरोना से बचाव कैसे करें ? How can i prevent myself from corona virus in hindi ?

Prevention from corona virus

उपरोक्त दिए गए कारण से कोरोना वायरस निश्चित तौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में पहुच जाता है । तो आपको कहीं भी किसी से मिलने और किसी स्थान पर जाने से पहले ये सुनिश्चित करना है कि कहीं आप इनमें से कोई गलती तो नहीं कर रहे ।

पिछले दिनों में आपने कोरोना वायरस रिपोर्ट में देखा होगा कि कोरोना के संक्रमित लोगों में भारी बढ़त देखी गयी है जो कि एक भयंकर चिंता का विषय है । 

हालांकि इससे कई लोग ठीक भी हुए हैं परंतु संक्रमित व्यक्ति में जीवित रहने के बजाय मरने का अनुपात बहुत अधिक है । तो इसे हल्के में लेना जानलेवा हो सकता है ।

  • कोरोना से बचने के लिए स्किन सैनिटाइजर का उपयोग करें और यह सुनिश्चित करें कि इसमें अल्कोहल की मात्रा 60% से कम न हो ।
  • कोशिश करें कि आपने आप से अन्य लोगों को कम से कम 5 मीटर की दूरी पर रहने को कहें ।
  • हर आधे घण्टे में अपने हाथों को सैनिटाइजर से साफ करते रहें ।
  • उन लोगों से दूरी बनाकर रखें जिनमें हाल ही में बुखार और खांसी जैसे लक्षण दिखे हों ।
  • कोरोना एक वायरस है जो सार्वजनिक स्थानों में और उन स्थानों जरूर हो सकता है जहां लोग ज्यादातर छूते रहते हैं जैसे दरवाजे, करेंसी नोट, सीढ़ी रेलिंग आदि, ऐसी जगहों को छूने से परहेज करें ।
  • मुह में हाथ न लगाएं , अगर बहुत आवश्यक है तो अपनी बांह का उपयोग करें ।
  • आसपास मनुष्य का उत्सर्जित प्रोडक्ट जैसे थूक पेशाब या मल दिखाई दे तो कम से कम 10 मीटर की दूरी बनाकर रखें ।
  • हो सके तो खुद को एक कमरे में बंद कर अधिक से अधिक समय बिताने का प्रयास करें ।

ये बात जान लीजिए कि इस वायरस से बचाव ही सुरक्षित है, क्योंकि अभी तक इसका कोई भी इलाज नहीं सम्भव हो सका है ।

कोरोना के बारे में मिथ ( Myths of corona virus in hindi )

आजकल समाज में बहुत अधिक भ्रांतियां हैं, कोई कुछ कह रहा है तो कोई कुछ, हर कोई अपनी अपनी बात अपने अपने ढंग से बता रहा है । 

यहां तक कि अपनी उन भ्रांतियों के पीछे किसी की जान की परवाह भी कोई नहीं कर रहा । पर एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर हर किसी को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए ।

कोरोना के कुछ मिथ ( Some corona myths in hindi )

क्या प्राकृतिक एन्टी बियोटिक्स से कोरोना ठीक हो सकता है ? 

जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना फंगस और बैक्टीरिया नहीं है, वायरस किसी भी परजीवी से ज्यादा छोटे आकार के होते हैं इसलिए इनका इलाज बहुत ही कठिन होता है ।

चिकन पॉक्स, कॉमन कोल्ड, फ्लू, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, एचआईवी जैसे बीमारियों में मुख्य कारण वायरस ही होता है जिनका वैक्सीनेशन तो उपलब्ध पर कोई पुख्ता ऐसी दवा नहीं जो इन्हें पूरी तरह से खत्म कर सके ।

इसलिए इनपर प्राकृतिक एंटीबायोटिक्स का कुछ असर नहीं होता है, हालांकि natural antiviral जैसे तुलसी , हल्दी आदि का इम्युनिटी बढाने में मददगार साबित हो सकते हैं पर इनका वायरस पर कोई प्रभाव नहीं होता ।

जुकाम होना और खांसी आना कोरोना का लक्षण है ? 

बिल्कुल नहीं पर, ये भी नहीं है कि आपको खांसी और जुकाम है तो ये कोरोना का लक्षण नहीं है । 

कोरोना के मरीज में जुकाम के लक्षण बहुत कम पाए जाते हैं पर खांसी बहुत आती है जो कि कफ रहित होती है । 

क्या 10 सेकंड तक सांस रोक सकने वाले को कोरोना नहीं है ? 

बिल्कुल नहीं, ये जरूरी नहीं कि आप 10 सेकंड से ज्यादा सांस रोक सकते हैं तो इसका अर्थ है कि आपको कोरोना नहीं है । 

WHO ( विश्व स्वास्थ्य संगठन ) की मानें तो कोरोना के शुरुआती लक्षण सूखी खांसी , थकान और तेज बुखार आता है । पर उस समय जबकि ये आपके श्वसन तंत्र को क्षति पहुँचाना शुरू करता है, ऐसे में आप अपनी सांस को 10 सेकंड से भी ज्यादा समय तक रोक सकते हैं ?

अल्कोहल या शराब के सेवन से कोरोना वायरस मर जाता है ?

नहीं, जबकि ये कोरोना वायरस के मामले में और बड़े संकट में आपको डाल सकता है, क्योंकि ये एक तरह का इम्यून सप्रेसेंट है जो आपके इम्मयून सिस्टम के काम में समस्या पैदा कर सकता है और वायरस को फैलने में मदद करता है ।

ऊपर आपने पढ़ा होगा कि 60 से 70% अल्कोहल वाले सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने से कोरोना वायरस मर जाता है तो फिर जरूर अल्कोहल पीने से कोरोना मर जायेगा ? 

ये एकदम गलत बात है , जिस मदिरा का आप सेवन आप करते हैं उसमें 40 से 44% अल्कोहल होता है । जो आपके शरीर में जाकर डाइल्यूट होकर कम हो जाती है ।

दूसरी बात की कोरोना वायरस को मारने के लिए किसी तरह के भोज्य पदार्थ जैसे प्रोटीन और कोशिका से अलग होना जरूरी है पर इस स्थिति में आप कोरोना को इतनी कम अल्कोहल में और प्रोटीन और कोशिका से अलग किये बिना आप उसे नहीं मार सकते हैं ।

गर्म और शुष्क स्थानों में ये वायरस नहीं फैलता ?

बिल्कुल गलत, मानव शरीर का तापमान 37℃ होने के बाद और इम्यून रिस्पांस से तापमान बढ़ने के बाद भी ये वायरस नहीं मरता है तो ऐसे में ये वायरस गर्म स्थानों पर रहने से भी नहीं मरेगा ।

हालांकि की इसके जिंदा रहने की मियाद बहुत कम हो जाती है लेकिन फिर भी ये वायरस गर्म स्थानों पर भी 6 से 8 घण्टे जिंदा रह सकता है ।

गर्म पानी पीने और नहाने से कोरोना वायरस नहीं होगा ?

ये बात बिल्कुल गलत है उपरोक्त प्रश्न में इस बात की पुष्टि है कि इस वायरस का तापमान से कोई लेना देना नहीं है, इससे बचने का इलाज बस एक ही है कि आप इससे दूरी बनाकर रखें और नियमित अंतराल पर अपने हाथ सैनिटाइजर से साफ करें ।

क्या मच्छर के काटने से कोरोना फैलता है ?

World health organisation ( विश्व स्वास्थ्य संगठन ) के अनुसार ये भी एक गम्भीर संभावना है कि ये वायरस मच्छर के काटने से फैल सकता है ।

मच्छर खून के साथ साथ इस वायरस को अपने शरीर में लेकर आपके शरीर में इंजेक्ट कर सकते हैं ।

थर्मल स्कैनर से कोरोना वायरस की पुष्टि हो जाती है ?

थर्मल स्कैनर मात्र शरीर के तापमान को बताता है, इसका कोरोना की पुष्टि से कोई सरोकार नहीं है ।

कई मामलों में थर्मल स्कैनर सही भी हो सकता है और गलत भी ।

लहसुन खाने से कोरोना वायरस नहीं होगा ?

बिल्कुल गलत, तमाम मेडिकल परीक्षण और जांच के आधार पर ये बताया गया है कि कोई भी प्राकृतिक एंटीबायोटिक इसपर बेअसर है ।

कोरोना वायरस का इलाज ( corona virus treatment )

दुर्भाग्यपूर्ण रूप से कोरोना वायरस का आजतक कोई इलाज संभव नहीं है । हालांकि कुछ वैक्सीन तैयार की जा चुकी हैं पर इनके टेस्टिंग में अभी काफी समय लग सकता है । कोरोना वायरस से बचाव ही इसका इलाज है । 

अगर आपके कोई प्रश्न या सुझाव हैं तो कमेंट में जरूर लिखें ।

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