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स्लीप पैरालिसिस क्या है , sleep paralysis in hindi -hindivigyan

WHAT IS SLEEP PARALYSIS ? स्लीप पैरालिसिस क्या होता है ?




कभी आपने महसूस किया हैं की आप रात में सपने में भूत देख रहे हैं या फिर डरावनी घटनाएं देख रहे हैं और डर की वजह से आपकी नींद खुल जाती है | 

लेकिन अब आपको महसूस होता है की जैसे किसी ने आपको वश में कर लिया है और आप अपनी उस स्थिति से अपने आपको हिला तक नहीं पा रहे हैं | 

ऐसा निश्चित रूप से आपके साथ एक बार तो जरूर हुआ होगा | तो आपको यही लगता है कि आप भूत प्रेत के वश में हो गए जबकि सच्चाई जानकर आप हंसने लगेंगे |

वास्तव में आपका शरीर आपके मस्तिष्क की बात नहीं सुन रहा होता है | और इसको चिकित्सा विज्ञान की भाषा में स्लीप पैरालिसिस कहते हैं | 

दर असल आप ने सपने में जो डर आपने महसूस किया होता है वह आपके मस्तिष्क को शून्य कर देता है और इस वजह से मस्तिष्क बहुत अधिक मात्रा में दोपामीन हार्मोन निकाल देता है | जिस कारण वश मस्तिष्क शून्य अवस्था में चला जाता है |

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अगर आध्यात्मिक मान्यता के आधार पर इसका आकलन करें तो इसको चांपा या कई अन्य शब्दों से सम्बोधित किया जाता है | 

चीन में इस स्थिति की 'गुई या' कहा जाता हैं जिसका अर्थ होता है भूत प्रेत आत्माओं का हमला |

आमतौर पर बहुत से लोगों ने दावा किया है की उन्होंने इस स्थिति के बाद अपने ऊपर किसी तरह की पिशाची या प्रेतनी बैठी हुई देखी है |

विज्ञान का एक कहना ये भी है की कभी - कभी हम सोते समय मस्तिष्क की नस पर दबाव दे देते हैं जो नयूरोंस को ऑक्सीजन पहुचाती है | 

इस कारण वश ज्यादा समय तक पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुच पाने पर दिमाग कुछ समय के लिए शून्य अवस्था मैं चला जाता है और शरीर से नियंत्रण खो देता है |

भले ही विज्ञान इसे एक साधारण से परिभाषा के रूप में प्रस्तुत करे लेकिन काफी मात्रा में हम अपने मस्तिष्क को नुकसान पंहुचा देते हैं | 

और एक तरह से मस्तिष्क सदमे में चला जाता है | ह्र्दय के बाद मस्तिष्क हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण एवं शक्तिशाली भाग है | जो पूरे शरीर की नियंत्रित करता है | 

थोड़ी सी भी मस्तिष्क की समस्या आपके पूरे शरीर को प्रभावित करती है |

इसके अतिरिक्त हमें प्रायः ऐसी शिकायत रैपिड ऑय मोमेंट के समय नींद खुलने से हो जाती है । 

यानी अगर हमारी नींद उस समय खुल जाए जब हम सपना देख रहे होते हैं । रैपिड ऑय मोमेंट वह सोने का चरण है जब हम सपना देख रहे होते हैं । 

ऐसे में शरीर में ग्लाइसिन और जीएबीए नाम के एंजाइम शरीर में बन रहे होते हैं । जो शरीर को क्षणिक रूप से लकवाग्रस्त कर देते हैं ।

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ये प्रक्रिया हमारे शरीर को किसी भी क्षति से बचाने के लिए शरीर में स्वाभाविक रूप से होती है । 

क्योंकि प्रायः लोग नींद में चलने लगते हैं और ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की दुर्घटना हो सकती है । 

रैपिड ऑय मोमेंट को चिकित्सा विज्ञान की भाषा में आरईएम कहते हैं ।

हमारा मस्तिष्क बहुत ही पेचीदा संरचना है क्योंकि विज्ञान अभी तक नहीं जानता की मस्तिष्क वास्तव में काम कैसे करता है | 

मस्तिष्क में किसी भी चीज को याद करने की क्षमता कैसे और कहाँ से आती है | मस्तिष्क के अलग अलग भाग होते हैं और हर भाग के अपने-अपने अलग-अलग काम होते हैं | 

मस्तिष्क पूरे शरीर का लगभग 2 प्रतिशत ही होता है परन्तु वह पूरे शरीर का करीब 20 प्रतिशत ऑक्सीजन खपत करता है |

इस आधार पर आप यह आंकड़ा लगा सकते हैं की मस्तिष्क के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन पहुचना कितना आवश्यक होता है |

"इसलिए इस से बचाव के लिए अपने मस्तिष्क को स्वस्थ रखे | अधिक मात्रा में पानी पियें और सदैव सकारात्मक सोच रखें | क्योंकि नकारात्मक सोच मनुष्य की लिए एक धीमा जहर है जो आपके शरीर को नष्ट करता रहता है |"

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